Shayari तुम्हारे इश्क में उधारी इतनी ज्यादा हो गई है तुम क्या जानो तुम्हारी खुशी के लिए हम अपना सब कुछ बर्बाद कर चुके हैं तुम चाहोगी किस्मत चमक जाएगी जो तकलीफ है अपने नसीब में हर परेशानियां दूर हो जाएंगी आहिस्ता आहिस्ता वह अपने दिल का राज खोलती जा रही है वैसे-वैसे उसके प्यार में अपना इंटरेस्ट (Interest) बढ़ता जा रहा है हम सुकून भरी जिंदगी जी रहे हैं आपके प्यार से संभव हो पाया है
हिंदी शायरी संग्रह मनोज कुमार-Hindi shayari sangrah Manoj kumar