उंगलियां बालों में फेर रही थी उसके आंचल से मुख ढककर सोता रहा मन बेकरार इस तरह हो रहा था आज अपने दिल की हर बात कह दूं उसके प्यार तले मैं सराबोर हो गया कुछ अधूरे ख्वाब है जिसे पूरा करने की आस है प्यास ऐसी है बुझ नहीं सकती चाहे दे दो समंदर हम प्यासे हैं तुम्हारी मुस्कान को तुम मुस्कुराती रहो जिंदगी मिले
तुम्हारी मीठी-मीठी बातें सुनने को बेकरार रहता हूं इसीलिए कोई ना कोई बहाना ढूंढते रहते हैं तुम्हारे करीब रहने का क्यों इतना तंग करते हो मुझे सताकर मुस्कुराते हो वह कौन सा मजा है जो तुम पाते हो यह प्यार करने का तरीका थोड़ा अटपटा सा लगता है