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उंगलियां बालों में फेर रही थी-शायरी संग्रह

उंगलियां बालों में फेर रही थी उसके आंचल से मुख ढककर सोता रहा मन बेकरार इस तरह हो रहा था आज अपने दिल की हर बात कह दूं उसके प्यार तले मैं सराबोर हो गया


कुछ अधूरे ख्वाब है जिसे पूरा करने की आस है प्यास ऐसी है बुझ नहीं सकती चाहे दे दो समंदर हम प्यासे हैं तुम्हारी मुस्कान को तुम मुस्कुराती रहो जिंदगी मिले

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तुम्हारी मीठी-मीठी बातें सुनने को

तुम्हारी मीठी-मीठी बातें सुनने को बेकरार रहता हूं इसीलिए कोई ना कोई बहाना ढूंढते रहते हैं तुम्हारे करीब रहने का क्यों इतना तंग करते हो मुझे सताकर मुस्कुराते हो वह कौन सा मजा है जो तुम पाते हो यह प्यार करने का तरीका थोड़ा अटपटा सा लगता है

तुम्हारे इश्क में उधारी इतनी ज्यादा हो गई है

Shayari   तुम्हारे इश्क में उधारी इतनी ज्यादा हो गई है तुम क्या जानो तुम्हारी खुशी के लिए हम अपना सब कुछ बर्बाद कर चुके हैं  तुम चाहोगी किस्मत चमक जाएगी जो तकलीफ है अपने नसीब में हर परेशानियां दूर हो जाएंगी  आहिस्ता आहिस्ता वह अपने दिल का राज खोलती जा रही है वैसे-वैसे उसके प्यार में अपना इंटरेस्ट (Interest) बढ़ता जा रहा है  हम सुकून भरी जिंदगी जी रहे हैं आपके प्यार से संभव हो पाया है