तुम्हारी मीठी-मीठी बातें सुनने को बेकरार रहता हूं इसीलिए कोई ना कोई बहाना ढूंढते रहते हैं तुम्हारे करीब रहने का क्यों इतना तंग करते हो मुझे सताकर मुस्कुराते हो वह कौन सा मजा है जो तुम पाते हो यह प्यार करने का तरीका थोड़ा अटपटा सा लगता है
हिंदी शायरी संग्रह मनोज कुमार-Hindi shayari sangrah Manoj kumar